आज मेरा दिल मचल रहा है,
सुनो शहर में आग लगा दो,
और,आशिक़ जो बेजार हो चुके है
उनको मेरे अस्सार सुना दो।

ये, महफिलों में इतना सन्नाटा क्यू है भाई
जाओ कोई मेहखना खुलवा दो।
क्या कहा, लोग मोहब्बत मोहब्बत कर रहे है,
अरे कोई जल्दी से
बेवफाई का कोई किस्सा सुना दो।

लोग बड़े जालिम है ज़माने में,
सर पर अपने तुम दुपट्टा लगा लो।
आग बहुत लगी है दिल में मेरे,
साहेब,कोई जोरदार बरसात करवा दो।।

~ नवीन शर्मा
@ugtasuraj25

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